'जंगल से उठता धुंआँ' 'ऊँची-ऊँची पहाड़ियां'
'कल-कल झरने की आवाज' 'टिमटिमाती रोशनियां'
'सर्पीली सड़क' 'सड़क पर रेंगती गाड़ियां'
और 'गुजरते लोगों का शोर' 'मेरे कानो में फुसफुसाता है' 'फिर एक ऊँची आवाज कानो को भेदती हुई' 'आर-पार हो जाती है'-मुझे तन्हा कर देने के लिए बस इतना ही काफी है।--"आसिफ बेग"