गुरुवार, 17 जनवरी 2013

bachpan ki yaad


हम रहे या न रहे पर जिन्दगी के कुछ पल ऐसे होते है जिसे भुलाकर भी नही भुलाया जा सकता। बचपन में की गई बचकानी हरकतों को हमेशा याद रखेंगे । जैसे-  पढ़ते-पढ़ते बिस्तर पर सो जाने का.....
            टीचर के पढ़ाने पर कही खो जाने का.....
            क्लास पर दोस्तों से आई कांटेक्ट कर मन ही मन मुस्कुराने  का...
            क्लास में टीचर नही आने पर शोर करने का
            और टीचर के आते  ही  शांत हो जाने का.....
             इंटरवल पर पानी की टंकी के पास खड़े हो जाने का.....
             चलते-चलते अपने दोस्त को गिराने का.....
             स्कूल की छुट्टी होते ही चिल्लाते हुए भागने का......
            और फिर इन पलो को याद कर मन ही मन मुस्कुराने  का....asifbeg

गुलाबी सर्दी

ये गुलाबी सर्दी है या मुस्कुराहट है किसी कि.........
ये ठण्ड का कोहरा है या आहट है किसी कि...........
मुझे आगोश में लेता ये सर्दी का मौसम, 
ओस कि बूंदे है या चाहत है किसी कि...............